2011 पूर्वी नियुक्त शिक्षकांसाठी मोठी बातमी! TET अनिवार्य आहे की नाही? सरकारने दिला अंतिम निर्णय

2011 पूर्वी नियुक्त शिक्षकांसाठी मोठी बातमी! TET अनिवार्य आहे की नाही? सरकारने दिला अंतिम निर्णय..

TET Mandatory for Promotion! Important Update for Pre-2011 Appointed Teachers

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TET बाबत महत्त्वाची बातमी

महत्त्वाची बातमी: 2011 पूर्वी नियुक्त शिक्षकांसाठी TET अनिवार्य की नाही? केंद्र सरकारने केले स्पष्ट!

दिनांक: 09/02/2026

आज लोकसभेत शिक्षकांच्या पात्रतेबाबत आणि विशेषतः 2011 पूर्वी नियुक्त झालेल्या शिक्षकांच्या ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) संदर्भात अत्यंत महत्त्वाचा खुलासा करण्यात आला आहे. शिक्षण राज्यमंत्री श्री. जयंत चौधरी यांनी एका अतारांकित प्रश्नाला (क्रमांक 1606) उत्तर देताना माननीय सर्वोच्च न्यायालयाच्या निर्णयाचा हवाला देत परिस्थिती स्पष्ट केली आहे.

जर तुम्ही शिक्षक असाल, तर ही माहिती तुमच्यासाठी अत्यंत महत्त्वाची आहे.

नेमका प्रश्न काय होता?

  • 1. 2011 पूर्वी नियुक्त झालेल्या शिक्षकांना अजूनही TET पात्रतेबाबत अनिश्चिततेचा सामना करावा लागत आहे का?
  • 2. ज्या वेळी TET अनिवार्य नव्हती, त्या काळात नियुक्त झालेल्या शिक्षकांसाठी सरकार काही विशेष धोरण आणणार का?
  • 3. TET नसल्यामुळे जुन्या शिक्षकांच्या सेवेत किंवा पदोन्नतीवर (Promotion) काही परिणाम होणार का?

सरकारचे उत्तर आणि सर्वोच्च न्यायालयाचा निर्णय

शिक्षण मंत्रालयाने उत्तर देताना RTE कायदा 2009 आणि NCTE च्या 23 August 2010 च्या अधिसूचनेचा संदर्भ दिला आहे. यानुसार, इयत्ता 1 ते 8 च्या शिक्षकांसाठी TET पास असणे अनिवार्य आहे.

मात्र, सर्वात महत्त्वाचा मुद्दा म्हणजे माननीय सर्वोच्च न्यायालयाने 01/09/2025 रोजी दिलेला निर्णय. या निर्णयानुसार जुन्या (Pre-2011) शिक्षकांसाठी खालील तरतुदी करण्यात आल्या आहेत:

  • 1. सेवा 5 वर्षांपेक्षा जास्त शिल्लक:
    ज्या शिक्षकांची निवृत्तीसाठी 5 वर्षांपेक्षा जास्त सेवा बाकी आहे, त्यांनी निर्णयाच्या तारखेपासून 2 वर्षांच्या आत TET परीक्षा उत्तीर्ण करणे बंधनकारक आहे.
  • 2. सेवा 5 वर्षांपेक्षा कमी शिल्लक:
    ज्या शिक्षकांची सेवा 5 वर्षांपेक्षा कमी आहे, त्यांना TET पास न करताही निवृत्तीपर्यंत सेवेत राहण्याची मुभा देण्यात आली आहे.
  • 3. पदोन्नतीसाठी (Promotion) TET अनिवार्य:
    जोपर्यंत शिक्षक TET परीक्षा उत्तीर्ण करत नाहीत, तोपर्यंत ते पदोन्नतीसाठी पात्र ठरणार नाहीत.

थोडक्यात निष्कर्ष:
TET ही आता नियुक्ती आणि पदोन्नतीसाठी अत्यावश्यक पात्रता आहे. जुन्या शिक्षकांना सेवेतून कमी केले जाणार नाही, मात्र पदोन्नतीसाठी TET पास करणे अनिवार्य राहील.

शिक्षक मित्रांनो, ही माहिती आपल्या इतर सहकारी शिक्षकांपर्यंत नक्की पोहोचवा. शैक्षणिक क्षेत्रातील अशाच महत्त्वाच्या अपडेट्ससाठी SmartGuruji ला भेट देत राहा!

दिनांक: 09/02/2026

देश भर के लाखों शिक्षक जो 2011 से पहले नियुक्त हुए थे, उनके मन में ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) को लेकर लंबे समय से संशय बना हुआ था। आज लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय ने इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।

लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न (संख्या 1606) के उत्तर में शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

यहाँ जानिए सरकार द्वारा दिए गए उत्तर के मुख्य बिंदु:

क्या था पूरा मामला?

सांसद श्री सालजी वर्मा ने सवाल पूछा था कि क्या 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों, जिनकी नियुक्ति के समय TET अनिवार्य नहीं था, उन्हें अब भी अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है? और क्या सरकार उन्हें छूट देने पर विचार कर रही है?

सरकार का जवाब और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

शिक्षा मंत्रालय ने अपने उत्तर में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 01.09.2025 के निर्णय का उल्लेख किया है। इस निर्णय के अनुसार RTE अधिनियम की धारा 23 के तहत TET एक अनिवार्य योग्यता है।

RTE लागू होने से पहले नियुक्त ‘सेवारत शिक्षकों’ (In-service Teachers) के लिए कोर्ट ने निम्नलिखित व्यवस्था दी है:

1. जिनकी सेवा 5 वर्ष से अधिक बची है: जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति (Retirement) में अभी 5 वर्ष से अधिक का समय शेष है, उन्हें निर्णय की तारीख से दो वर्ष के भीतर TET परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी

2. जिनकी सेवा 5 वर्ष से कम बची है: जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से कम बची है, उन्हें बिना TET पास किए सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी गई है। यानी उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी।

3. पदोन्नति (Promotion) के लिए नियम: यह सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। भले ही 5 वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा, लेकिन ऐसे शिक्षक तब तक पदोन्नति (Promotion) के पात्र नहीं होंगे जब तक वे TET पास नहीं कर लेते

निष्कर्ष

सरकार के इस उत्तर से यह स्पष्ट हो गया है कि:

  • भविष्य में शिक्षक बनने के लिए TET अनिवार्य है।
  • पुराने शिक्षकों (जिनकी सेवा 5 साल से ज्यादा बची है) को अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए TET पास करना होगा।
  • जिनकी सेवा 5 साल से कम है, उनकी नौकरी सुरक्षित है, लेकिन प्रमोशन के लिए TET जरूरी है।

यह जानकारी सभी शिक्षक साथियों के साथ साझा करें ताकि वे किसी भी भ्रम से दूर रहें।


स्रोत: लोकसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 1606 (दिनांक 09/02/2026) का उत्तर।

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