“गुरु को श्रद्धांजलि: विदाई के भावपूर्ण पल”
विद्यालय में शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी विदाई भाषण
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सम्माननीय शिक्षकगण, और मेरे प्रिय साथियों,
आज का दिन हम सभी के लिए भावनात्मक है। हम अपने प्रिय शिक्षकों में से एक को विदाई दे रहे हैं, जिन्होंने न केवल हमें पढ़ाया, बल्कि हमें सही रास्ता दिखाया, हमें प्रेरित किया और हमारे भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए अपना हर संभव प्रयास किया।
गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है, क्योंकि वही हमें जीवन का सही अर्थ सिखाते हैं। जैसा कि कबीर दास जी ने कहा है—
“गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय॥”
अर्थात, गुरु ही वह व्यक्ति होते हैं जो हमें सही राह दिखाते हैं और हमें सफलता के मार्ग पर ले जाते हैं।
(शिक्षक का नाम) सर/मैडम, आपकी शिक्षाएँ केवल किताबों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आपने हमें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य भी सिखाए—सत्य, ईमानदारी, अनुशासन और परिश्रम। आपने हर कठिनाई में हमारा मार्गदर्शन किया, हमारी गलतियों को सुधारा और हमें आत्मविश्वास से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
आपकी कमी हमें हमेशा महसूस होगी, लेकिन हम आपसे जो कुछ भी सीखा है, उसे जीवन भर याद रखेंगे और अपने जीवन में अपनाने की पूरी कोशिश करेंगे। हम आपको यह वचन देते हैं कि हम आपकी शिक्षाओं को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और अपने कार्यों से आपका नाम रोशन करेंगे।
आपका आभार व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे, लेकिन हम दिल से आपको धन्यवाद देते हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि आपका आगे का जीवन सुखद और सफल हो। आप जहाँ भी जाएँ, वहाँ अपनी विद्या और प्रेम से और भी छात्रों का भविष्य उज्जवल करें।
“शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं देते, वे जीवन की दिशा भी देते हैं।”
हमारी ओर से आपको ढेरों शुभकामनाएँ! आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।
धन्यवाद!


